Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
Tonsillitis: टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ (टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸) कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है? जानें कारण और बचाव के तरीके
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ या टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ गले में तकलीफ पैदा करता है। गले के पीछे की ओर दो ओवल शेप टिशू के पैडà¥à¤¸ होते हैं, जो कि दोनों तरह होते हैं। टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² में सूजन की समसà¥à¤¯à¤¾, गले में खराश होना, खाना या अनà¥à¤¯ चीजों को निगलने में दिकà¥à¤•त महसूस होना आदि समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो जाती हैं। टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मामले इंफेकà¥à¤¶à¤¨ (बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और वायरस) के कारण होते हैं। टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ से बचाव के लिठउसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को समय पर पहचानकर तà¥à¤°à¤‚त इलाज करवाना चाहिà¤à¥¤ टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ होने के लिठकिसी खास कारण की जरूरत नहीं पड़ती है। टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ का टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट समसà¥à¤¯à¤¾ के आधार पर किया जाता है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° जांच करने के बाद ही निरà¥à¤£à¤¯ लेता है कि कैसे इस समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर किया जाà¤à¥¤ अगर आपको टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के बारे में जानकारी नहीं है तो ये आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल पढ़ कर जानकारी जरूर लें।
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ हैं ?
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸, टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इंफेकà¥à¤¶à¤¨ कà¥à¤¯à¤¾ है
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ से बड़े, किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° वरà¥à¤— में हो सकता है। इसके निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं-
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में सूजन
खानापान/निगलेन में परेशानी होना
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में सफेद या पीले रंग के पैच नजर आना
गले में खरास की समसà¥à¤¯à¤¾
फीवर महसूस होना
गले में लिमà¥à¤« नोड का बढ़ जाना
आवाज में परिवरà¥à¤¤à¤¨ महसूस होना
सांस की बदबू का à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸
पेट में दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ (बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में विशेषतौर पर)
सिरदरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾
जबड़े और गरà¥à¤¦à¤¨ में सूजन की समसà¥à¤¯à¤¾à¥‰
कान में दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ अकà¥à¤¸à¤° बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देखी जाती है। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को इस बारे में जानकारी न होने की वजह से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार के लकà¥à¤·à¤£ समठनहीं आते हैं और वो कà¥à¤› बता à¤à¥€ नहीं पाते हैं। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ अगर 10 दिन से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहता है तो इसे à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚ट टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ कहा जाà¤à¤—ा। अगर टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ कई बार हो चà¥à¤•ा है तो इसे कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• या रीकरेंट टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ कहा जाà¤à¤—ा। à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚ट टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ को घरेलॠउपाय के माधà¥à¤¯à¤® से à¤à¥€ ठीक किया जा सकता है। लेकिन कà¥à¤› केस में à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ की जरूरत पड़ती है।
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में
जानिठकà¥à¤¯à¤¾ हैं बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£,
खाना निगलने में समसà¥à¤¯à¤¾
गले में दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾
उतावलापन (fussiness)
कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£
कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के कारण गले में टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है। इस कारण से डेड सेलà¥à¤¸, सलाइवा आदि का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ होने लगता है। ये सब छोटे सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ का रूप ले लेते हैं। कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° ये खà¥à¤¦ ही ढीले पड़ जाते हैं। अगर समसà¥à¤¯à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो रही है तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ निकाल à¤à¥€ सकता है।
गले में खराश
सांस की दà¥à¤°à¥à¤—ंध महसूस होना
कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ के कारण टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ होने के कारण गले में पीने, खाने आदि के दौरान समसà¥à¤¯à¤¾
रीकरंट टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£
कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸ की तरह ही रीकरंट टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ सà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚डरà¥à¤¡ टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट की जरूरत पड़ सकती है। रीकरंट टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के दौरान वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£ महसूस हो सकते हैं जैसे,
à¤à¤• साल में कम से कम 5 से 7 बार टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾
दो साल में 5 बार टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾
तीन सालों में 3 बार टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾
बायोफिलà¥à¤® के कारण टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾
कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• और रिकरंट टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² में बनी बायोफिलà¥à¤® के कारण à¤à¥€ हो सकता है। बायोफिलà¥à¤® माइकà¥à¤°à¥‹à¤‘रà¥à¤—ेनिजà¥à¤® की कमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ होती है जो कई बार इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ खड़ा कर सकता है। जेनेटिकà¥à¤¸ à¤à¥€ करंट टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ का कारण हो सकते हैं। साल 2019 में हà¥à¤ˆ सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इंफेकà¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ को जानने की कोशिश की गई। सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ में ये बात सामने आई कि जेनेटिकà¥à¤¸ के कारण खराब इमà¥à¤¯à¥à¤¨ सिसà¥à¤Ÿà¤® हो जाता है और गà¥à¤°à¥à¤ª ठसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¥‹à¤•ोकस बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ आसानी से टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ खड़ी कर देता है।
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ के कारण
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ बीमारी के खिलाफ लड़ने में मदद करता है। नाक और मà¥à¤‚ह की मदद से बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और वायरस शरीर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करने की कोशिश करते हैं। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ रोकने में टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ हेलà¥à¤ª करता है। टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² में इंफेकà¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ कॉमन कोलà¥à¤¡ के जरिà¤, बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के माधà¥à¤¯à¤® से यानी सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤ª थà¥à¤°à¥‹à¤Ÿ (गले का संकà¥à¤°à¤®à¤£) की वजह से हो सकती है।
वायरस की वजह से टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨
कà¥à¤› वायरस टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ को खड़ा कर देते हैं। कà¥à¤› वायरस कॉमन कोलà¥à¤¡ का कारण बन सकते हैं। हिनोवायरस (Hinovirus), à¤à¤ªà¤¸à¥à¤Ÿà¥€à¤¨ बार वायरस (Epstein-Barr virus), हेपेटाइटिस ठ(hepatitis A), à¤à¤šà¤†à¤ˆà¤µà¥€ (HIV) आदि के कारण टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ यानी टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। कà¥à¤› लोगों में मोनोनà¥à¤¯à¥‚कà¥à¤²à¤¿à¤“सिस सेकेंडà¥à¤°à¥€ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के रूप में डेवलप हो सकता है। अगर आपको वायरस की वजह से टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ है तो कफ की समसà¥à¤¯à¤¾ या नाक à¤à¤°à¤¾ होने का à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ हो सकता है। वैसे तो इस समसà¥à¤¯à¤¾ में à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ काम नहीं करते हैं लेकिन हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ रहने और ओवर-द-काउंटर दवा लेने से शरीर को आराम मिल सकता है। अधिक जानकारी के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की वजह से टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨
लगà¤à¤— 15 से 30 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की वजह से उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है। अकà¥à¤¸à¤° सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤ª बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤ª थà¥à¤°à¥‹à¤Ÿ की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। इसके साथ ही अनà¥à¤¯ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के कारण बन सकते हैं। अगर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की बात की जाठतो 5 से 15 साल के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ आम होती है। बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ से निपटने के लिठआपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं के साथ ही वहीं टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट किया जाता है जो वायरल टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ में किया जाता है।
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का पता कैसे लगाया जाता है?
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ का डायगà¥à¤¨à¥‹à¤¸ शारीरिक परीकà¥à¤·à¤£ के आधार पर किया जाता है। हो सकता है कि डॉकà¥à¤Ÿà¤° जांच करने के लिठगले को थपथपाà¤à¥¤ साथ ही डॉकà¥à¤Ÿà¤° कमà¥à¤ªà¥à¤²à¥€à¤Ÿ बà¥à¤²à¤¡ काउंट की जांच के लिठसैंपल à¤à¥€ ले सकता है। सैंपल की जांच करने से ये पता लगाया जा सकता है कि इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ वायरल है या फिर बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤²à¥¤ इसी आधार पर टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट तय किया जाता है।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° को कब दिखाना चाहिठ?
अगर आपको टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ हà¥à¤ˆ है तो कà¥à¤› खास पà¥à¤°à¤•ार के लकà¥à¤·à¤£ नजर आà¤à¤‚गे। लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के आधार पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• तà¥à¤°à¤‚त करना चाहिà¤à¥¤
अगर तेजी से बà¥à¤–ार हो 103 °F((39.5°C)
मसलà¥à¤¸ वीकनेस फील होने पर।
नेक सà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¨à¥‡à¤¸ महसूस होने पर ।
गले में खराश की समसà¥à¤¯à¤¾ जो कि दो दिन के बाद à¤à¥€ सही न हो।
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के कारण अगर सांस लेने में समसà¥à¤¯à¤¾ हो रही हो तो à¤à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से तà¥à¤°à¤‚त संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤ वैसे तो कà¥à¤› टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ अपने आप ही चले जाते हैं, वहीं कà¥à¤› को टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ का टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट कैसे किया जाता है ?
अगर किसी à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में आम संकà¥à¤°à¤®à¤£ की समसà¥à¤¯à¤¾ है तो उसे किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार के टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट की जरूरत नहीं होती है। समसà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤› दिन बाद अपने आप ही सही हो जाती है। à¤à¤¸à¥‡ में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को कोलà¥à¤¡ की समसà¥à¤¯à¤¾ ही महसूस होती है। वहीं कà¥à¤› टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के लिठà¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ या टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤²à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤®à¥€ की जरूरत होती है। अगर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² में इंफेकà¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ के कारण डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो गई है तो उसे अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥ लेने की जरूरत पड़ेगी। साथ ही गले में दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने के लिठमेडिसिन की जरूरत पड़ सकती है।
कà¥à¤¯à¤¾ होता है टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤²à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤®à¥€ (Tonsillectomy) ?
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤²à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤®à¥€ में सरà¥à¤œà¤°à¥€ के माधà¥à¤¯à¤® से टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² को हटाया जाता है। जिन लोगों को कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• या रीकरंट टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है, उनके लिठटॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤²à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤®à¥€ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया जा सकता है। जब टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में सà¥à¤§à¤¾à¤° देखने को नहीं मिलता है और जटिलता बढ़ती जाती है तो सरà¥à¤œà¤°à¥€ की जरूरत पड़ती है। जिन लोगों को टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ कई बार ( 5 से 7 बार) हो चà¥à¤•ी हैं, उनके लिठइस विधि का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— उचित रहता है। à¤à¤¸à¥‡ लोगों को सांस लेने में समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ महसूस हो सकती है।
अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के दौरान पाया गया कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद à¤à¤• साल के अंदर इंफेकà¥à¤¶à¤¨ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ में कमी पाई गई थी, वहीं à¤à¤• अनà¥à¤¯ सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ में पाया गया कि वयसà¥à¤•ों के टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ को हाट देने पर शà¥à¤µà¤¾à¤¸ और इंफेकà¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ का खतरा बढ़ जाता है। टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤²à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤®à¥€ होने से सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤ª थà¥à¤°à¥‹à¤Ÿ के जोखिम को कम किया जा सकता है। हो सकता है कि सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² दोबारा बढ़ जाà¤, लेकिन ये जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मामलों में असामानà¥à¤¯ ही होता है। सरà¥à¤œà¤°à¥€ होने के बाद तà¥à¤°à¤‚त असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² से छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ दे सकता है लेकिन आपको पूरी तरह से ठीक होने में à¤à¤• से दो हफà¥à¤¤à¥‡ लग सकते हैं।
à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—
अगर बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ ने टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में संकà¥à¤°à¤®à¤£ की समसà¥à¤¯à¤¾ पैदा की है तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ लिख सकता है। à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ आपके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को तेजी से दूर जाने में मदद कर सकते हैं। लेकिन à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ लेने से अनà¥à¤¯ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ à¤à¥€ देखने को मिल सकते हैं जैसे की पेट खराब की समसà¥à¤¯à¤¾ आदि। जिन वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में अधिक कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¥€à¤•ेशन देखने को मिलते हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ लेना जरूरी हो जाता है।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° ठसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¥‹à¤•ोकस के लिठपेनिसिलिन दे सकता है। अगर आपको पेनिसिलिन से समसà¥à¤¯à¤¾ है तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° अनà¥à¤¯ à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ à¤à¥€ लिख सकता है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° ने जो à¤à¥€ à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ लिखी हैं, उनको रोजाना टाइम से लें। अगर आपको दवा खाने के बाद असहज महसूस हो रहा हो तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ से बचने के घरेलू उपचार
जैसा कि आपको पहले à¤à¥€ बताया जा चà¥à¤•ा है कि टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाने पर कई बार टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट की जरूरत नहीं होती है। घरेलू उपचार के माधà¥à¤¯à¤® से ही इसे ठीक किया जा सकता है। जानिठकिन बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रख और घरेलू उपचार के माधà¥à¤¯à¤® से आप इस समसà¥à¤¯à¤¾ से निपट सकते हैं।
डेली à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ में शरीर की ऊरà¥à¤œà¤¾ खतà¥à¤® होती है। अगर आपको इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो गई है तो बेहतर होगा कि कà¥à¤› दिनों के लिठआराम करें।
पूरा आराम लेने से शरीर को इंफेकà¥à¤¶à¤¨ से लड़ने में मदद मिलती है।
गला न सूखने पाà¤à¤‚, इसके लिठपानी और अनà¥à¤¯ तरल पदारà¥à¤¥à¥‹ का सेवन करते रहे। साथ ही गले को गीला रखने के लिठकैफीन यà¥à¤•à¥à¤¤ पेय पदारà¥à¤¥à¥‹ से बचना सही रहेगा।
अगर आपको सिरà¥à¤« पानी पीना अचà¥à¤›à¤¾ नहीं लग रहा है तो पानी में शहद मिलाकर à¤à¥€ पिया जा सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में गले में दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ से à¤à¥€ राहत मिल जाà¤à¤—ी।
अगर गला अधिक à¤à¤°à¤¾ हà¥à¤† महसूस हो रहा है तो नमक वाले पानी से गरारा किया जा सकता है। आधे या 1-2 कप में आप आधा या 3/4 टी सà¥à¤ªà¥‚न नमक मिलाकर इससे गरारा कर सकते हैं। à¤à¤¸à¤¾ करने से गले को आराम मिलेगा।
गले में सूखी हवा समसà¥à¤¯à¤¾ अधिक बढ़ा सकती है। बेहतर रहेगा कि हà¥à¤¯à¥‚मिडिफायर या सà¥à¤Ÿà¥€à¤®à¥€ बाथरूम का यूज करें।
जिन लोगों के पास हà¥à¤¯à¥‚मिडिफायर नहीं है, वो सà¥à¤Ÿà¥€à¤® शॉवर लेकर राहत पा सकते हैं। सà¥à¤Ÿà¥€à¤® शॉवर के दौरान गहरी सांस लें। à¤à¤¸à¤¾ करने से गले के सूजन में राहत मिलेगी।
अगर टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इंफेकà¥à¤¶à¤¨ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण हà¥à¤† है तो à¤à¤¸à¥‡ में दालचीना का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— उचित रहेगा। दालचीनी का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— आप चाहे तो दूध के साथ कर सकते हैं। à¤à¤¸à¤¾ करने से गले में दरà¥à¤¦ से राहत मिलती है।
इंफेकà¥à¤¶à¤¨ अगर नहीं हà¥à¤† है तो साफ-सफाई का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें। खाने के पहले और खाना बनाने के पहले हाथ अचà¥à¤›à¥‡ से साफ करें।
तंबाकू और सà¥à¤®à¥‹à¤•ी लोकेशन से बचना आपको लिठसही रहेगा। à¤à¤¸à¤¾ करने से इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से राहत मिलती है।
इबà¥à¤ªà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¨ या à¤à¤¸à¤¿à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨à¥‹à¤«à¥‡à¤¨ को दरà¥à¤¦ या बà¥à¤–ार की समसà¥à¤¯à¤¾ को कम करने के लिया जा सकता है।
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ या टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ आम होती है। अगर आपको à¤à¥€ खाना निगलने के दौरान दिकà¥à¤•त का सामना करना पड़ रहा है तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिले। अगर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं हो रही है तो समसà¥à¤¯à¤¾ अपने आप ही कà¥à¤› दिनों में सही हो जाà¤à¤—ी। अगर आपको इस बारे में किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की जानकारी चाहिठहो तो बेहतर रहेगा कि à¤à¤• बार डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। बिना डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह से कोई à¤à¥€ मेडिसिन न लें।
| --------------------------- | --------------------------- |